बता दें कि लगभग 30 सालों बाद अषाढ़ ने दगा दिया है। डेढ़ माह में तीन महत्वपूर्ण बारिश वाली नक्षत्र बीत गयी। बारिश नदारद है। बधार में जहां धूल उड़ रही है। वहीं धान की रोपनी पूरी तरह ठप है। अकाल का साया किसानों के सर पर मंडरा रहा है। धान के बीचडें एक माह से अधिक के हो गये हैं। किसान रामप्रवेश कुमार के द्वारा बताया गया कि पानी के अभाव में रोपनी नही कर पा रहे हैं।