महान सांख्यिकीविद प्रशांत चंद्र महालनोबिस को 129 वी जयंती पर यहां श्रद्धा से याद किया गया। भारत के दूसरी पंचवर्षीय योजना के अपने मसौदा के कारण जाने जाने वाले सांख्यिकीविद के तैल चित्र पर सांख्यिकी विभाग में फूल माला चढ़ाकर याद किया गया । जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में कार्यालय कर्मी के अलावे अन्य लोग मौजूद थे। इस अवसर पर जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने सांख्यिकी के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उसके बाद भारत के योजना निर्माण में महालनोबिस के योगदान की सराहना की । औद्योगिक उत्पादन की तीव्र बढ़ोतरी के जरिए बेरोजगारी समाप्त करने के सरकार के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए महालनोबिस ने खाका खींचा भारत की स्वतंत्रता के बाद नवगठित मंत्रिमंडल में इन्हें सांख्यिकी सलाहकार बनाया गया। इसके पूर्व आजादी के तुरंत बाद महालनोबिस की अध्यक्षता में आर्थिक सुधार और तरक्की के लिए एक समिति का भी गठन किया गया। भारत के आर्थिक तरक्की में महालनोबिस के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा । उन्होंने बताया कि 29 जून को प्रति साल जयंती पर उन्हें याद किया जाता है। इस तिथि को सांख्यिकी दिवस के रूप में भी सरकारी अस्तर पर आयोजन कर इनके योगदान की चर्चा कर श्रद्धा से शीश नमन किया जाता है । सांख्यिकी के गणना और विश्लेषण के बिना कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाना संभव नहीं है। इसके अलावा देश के आर्थिक तरक्की के लिए भी सांख्यिकी गणना अनिवार्य है।पूरी जानकारी के लिए लिंक को अभी क्लिक करें।
