देसी शराब का कारोबार इस जिला में कुटीर उद्योग का रूप ले लिया। पुलिस और प्रशासन द्वारा इसके खात्मे के लिए लगातार छापामारी और चेकिंग अभियान चलाए जाने के बाद भी देसी शराब बनाने और बेचने का कारोबार खत्म होने के बजाय ग्रामीण इलाकों में बढ़ता जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा राज्य में शराब बंदी कानून लागू करने के पूर्व इस जिले के चिन्हित गिने चुने स्थानों पर ही देसी शराब का निर्माण कार्य चलता था। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।