रुक - रुक कर हो रही वर्षा से किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। जिले के हजारों हेक्टेयर भूमि में अभी भी धान की पकी फसल की कटनी नहीं हो पाई है। पिछले पखवाड़े हुई बारिश के कारण खेत गीला रहने के कारण कृषक अपने खेतों को सूखने का इंतजार कर रहे थे। ताकि खेत सूखने के बाद उसमे लगी धान की फसल की कटनी की जा सके। लेकिन फिर दुबारे मौसम का मिजाज बिगड़ गया और बेमौसम बर्षा शुरू हो गई। गिले खेत में फिर से पानी जमा हो गया। जबकि खेत में तैयार धान की फसल गिर कर चटाई की तरफ बिखर गई है। कई खेतों में धान की पकी फसल से धान का अन्न पुनः जन्म लेने लगा है। जबकि चूहे उन धान को अपना आहार बना रहे है। किसानों द्वारा लाखों रुपए खर्च कर उपजाए गए धान की फसल की दौनी होकर अनाज घर नहीं आ पाया। वहीं उन फसल वाले खेतों में धान काटकर गेहूं चाहे अन्य रबी फसल को नहीं लगाया जा सका। इस तरह बेमौसम बरसात ने किसानों को दोहरी मार मार कर उनकी आर्थिक कमर को तोड़ डाली है।