निमोनिया रोग यानि सांस लेने में तकलीफ की बीमारी से शिशुओं के बचाव को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। प्रशिक्षण शिविर में जिले के सभी प्रखंडों के चिकित्सकों और स्टाफ नर्स को विस्तृत रूप में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉक्टर पृथ्वीराज ने किया। शहर के त्रिमुहानी स्थित होटल अशोका के सभागार में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षक के रूप में डॉ गजेंद्र , यूनिसेफ से डॉ शालिनी , डॉ संतोष और डॉ राघव राज शामिल थे। प्रशिक्षण शिविर में कहा गया कि जन्म के बाद लगातार छह माह तक मां का दूध पीने वाले बच्चों को इस रोग से ग्रसित होने की संभावना नहीं होती है। जबकि डब्बा का दूध या पानी मिलाकर गाय का दूध पीने वाले बच्चे इस रोग के संक्रमण में जल्दी आ जाते है। जिन शिशुओं की मां हाथ पैर धोकर अपने बच्चों को साफ सफाई में रहकर स्तनपान करवाती है। वैसे बच्चे भी इसके चपेट में कम आते है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।