कैमूर पहाड़ी पर पर स्थित गांवों में 20 वर्ष बाद लोकतंत्र का महापर्व मनाया गया। इससे वोटरों मे काफी उत्साह दिखा। लोकतंत्र के महापर्व में इस बार बुलेट के जगह बैलेट व बटन का जोर चला। वर्ष 2001 में पहली बार दस बूथों पर मतदान कराया गया था। बाद में नक्सली साम्राज्य पहाड़ पर कायम हो गया। बैलेट की जगह नक्सलियों का बुलेट गरजने लगा था। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
