बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रतिनियुक्त कर्मचारियों, पदाधिकारियों की किसी प्रकार की दुर्घटना, हिंसा, नक्सली हिंसा में मौत होने की स्थिति में परिजनों के लिए मुआवजे के प्रविधान किए गए हैं। यह व्यवस्था सरकार के स्तर से की गयी है और इसी स्तर पर मुआवजा का लाभ दिया जाएगा। वैसी ही व्यवस्था निर्वाचित होने वाले उम्मीदवारों के लिए की गई है। यदि चुनाव जीतने के बाद से लेकर उनके कार्यकाल के दौरान किसी प्रतिनिधि की मृत्यु होती है तो सरकार उनके आश्रितों को भी मुआवजा देगी। पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों की मृत्यु की स्थिति में राशि स्वीकृति का अधिकार सरकार ने जिलाधिकारी को दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी कार्यकाल के दौरान पंचायत प्रतिनिधि के निधन पर सरकार ने मुआवजे का भुगतान किया है। चुनावी व्यवस्था के तहत जिला परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति प्रमुख, उप प्रमुख, पंचायत समिति के सदस्य, मुखिया, उप मुखिया, ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम कचहरी सरपंच, उप सरपंच और ग्राम कचहरी के पंच चुनाव जीतते हैं और कार्यकाल के दौरान उनकी आपराधिक घटना, प्राकृतिक आपदा या हिंसात्मक घटना और दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो उनके परिजन को सरकार की ओर से पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। पंचायत चुनाव में अभेद सुरक्षा का रोडमैप तैयार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी को लेकर स्थानीय पुलिस काफी संवेदनशील है। चुनाव कर्मियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। इसके साथ ही उनके विश्वास को मजबूती देने का भी उपक्रम जारी है। विषम भौगोलिक परिदृश्य वाले तथा नक्सल प्रभावित इलाकों में अभेद सुरक्षा व्यवस्था हेतु पुलिस ने एक व्यापक रोड मैप तैयार कर लिया है। इसके लिए प्रदेश स्तर पर मिले निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन किया जा रहा है।