कोविड-19 महामारी से संबंधित सावधानियां ध्यान में रखते हुए प्रधानाचार्य विनोद कुमार और शिक्षक के साथ साथ बच्चों के अभिभावकगण ने भी अपनी प्रेरणास्रोत बातों को सबके बीच रखा। जो कि विद्यार्थियों के लिए काफी लाभदायक और फायदेमंद हो। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए विद्यालय के व्यवस्थापक ने बच्चों से कहा कि दसवीं की परीक्षा पास कर लेना या इसमें बहुत ही अच्छा अंक हासिल करना ही जीवन की सफलता नहीं होती है। बल्कि जीवन की सफलता की दिशा की ओर यह विद्यार्थी जीवन का पहला कदम होता है और सभी विद्यार्थियों को आगे इसी तरह से मेहनत और लगन से पढ़ाई करनी होती है। तब जाकर आप आखिरकार अपने लक्ष्य को हासिल करते हैं जो कि जीवन के वास्तविक सफलता होती है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
