जिले में आधा दर्जन से अधिक नगर पंचायत, नगर परिषद व नगर निगम गठित होने के बाद सात प्रखंडों के 16 पंचायतों का अस्तित्व पूर्ण रूप समाप्त हो गया है। वहीं तीन पंचायत आंशिक रूप से इन निकायों के हिस्सा हो गए हैं। कुल मिलाकर पिछले चुनाव के बाद इस बार 19 पंचायत पंचायती राज व्यवस्था से बाहर हो गए हैं। इस वजह से यहां के मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य व पंच चुनाव से वंचित हो गए हैं। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर...