केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत पहले तो गरीबों को चूल्हे और धुएं से मुक्ति तो दिला दी। लेकिन, अब वे एलपीजी गैस सिलिंडर के बढ़ते कीमत के बोझ तले दब गए हैं। जिले में योजना की स्थिति काफी खराब है। सिलिंडर के दाम बढ़ने के बाद योजना के लाभुक सिलिंडर की रिफिलिंग नहीं करवा रहे हैं। जिले में तीन माह से यह आंकड़ा 25 से 30 फीसद तक पहुंच गया है। वर्तमान में स्थिति यह है कि योजना के सिलिंडर से छोटे-छोटे फास्टफूड काउंटर, होटल और लोगों के घरों का चूल्हा जल रहा है। जिले में उज्ज्वला योजना के तहत 50 हजार लाभुक हैं। रसोई गैस की कीमत कम थी, तो लाभुक भी गैस पर भोजन बनाते थे। जनवरी माह से गैस सिलिंडर की कीमत में तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है। लाभुको का कहना है कि पहले में गैस सब्सिडी लगभग 450 रुपये खाता में आ जाया करता था। लेकिन अब घटकर 85 रुपये हो गया है। फरवरी में दो बार गैस सिलिंडर के दाम बढ़े। पहली बार चार फरवरी को 25 रुपये और 15 फरवरी 50 रुपये का इजाफा हुआ। अब यह तीसरी बार फिर से 25 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।आखिरकार हमलोगों का जीवनयापन कैसे होगा!
