सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड द्वारा 12वीं की परीक्षा रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने बोर्ड द्वारा छात्रों के मूल्यांकन संबंधी स्कीम को मंजूर कर लिया। सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता ने कहा कि जो बच्चे 12वीं क्लास में शमिल होने थे, वे एनडीए और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होंगे। क्या सिर्फ 12वीं की परीक्षा ही कोरोना के खतरे का कारण बन सकती है, दूसरी नहीं तो फिर 12वीं परीक्षा को रद्द करने का क्या औचित्य है।जस्टिस एएम खानविलकर ने कहा कि सीबीएसई ने जनहित में परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है। स्थिति लगातार बदल रही है।