कोरोना का दर्द-महादलित परिवार घोंघा खा कर भूख मिटाने को विवश बिहारशरीफ 10 सितम्बर हि सं:- कोरोना महामारी को लेकर पिछले 15 दिनों से लॉकडान के बाद ग्रामीण क्षेत्रो में रहने वाले महादलितों के सामने रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है.जहाँ शहर के गरीबों को जिलाप्रशासन ,नगर निगम ,स्वयं सेवी संगठनों और वार्ड पार्षदों द्वारा खाद्द सामग्री और खाना का वितरण किया जा रहा है.वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों के सामने फांका कशी का दौर शुरू हो गया है.नतीजतन ये लोग घोंघा खा कर अपनी भूख मिटा रहे हैं.जिसकी बानगी बिहार शरीफ प्रखंड के तियुरी पंचायत अंतर्गत अलौदीया गांव के मुसहरी पर देखा जा सकता है नाद्र मांझी ने बताया कि इस टोले के 28 परिवारों की कुल आबादी लगभग एक सौ से अधिक है.उन्हें अब तक न तो मुखिया और न ही गांव के लोगों ने किसी प्रकार का सहयोग किया है.नतीजतन ये लोग घोंघा खा कर अपने बच्चों का पेट पाल रहे हैं.मीणा देवी का कहना है कि हमारे घर में न तो अनाज है और न ही काम ऐसे परिवेश में पेट भरने के लिए जो भी मिल रहा है उसे खा लेते हैं.हम आपको बता दें कि इस गॉंव के सभी महादलित परिवार के लोग ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर हैं जो प्रतिदिन काम कर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे.मगर अब उनके सामने कोई सहारा नहीं बचा है.सबसे बड़ी बात यह है इनमें से कुछ लोगों का बीपीएल कार्ड है और कुछ लोगों का बीपीएल कार्ड आज तक नहीं बना ऐसे परिवेश में यह लोग दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं. हिन्दुस्थान समाचार/प्रमोद पाण्डेय