पुलिस पदाधिकारी द्वारा कथित तौर पर घरेलू कार्य करवाए जाने को लेकर जिला में कार्यरत होमगार्ड जवान भड़क गए। होमगार्ड जवानों ने समादेष्टा कार्यालय के सामने इकट्ठा होकर विरोध जताया। होमगार्ड जवानों ने इस सम्बन्ध में मानवाधिकार सहित अन्य उच्चाधिकारियों को शिकायत भी भेजा है। होमगार्ड जवान संजीत कुमार ने बताया कि होमगार्ड जवान यहाँ विधि व्वयस्था के संधारण में रीढ़ की हड्डी है। इन लोगो की ड्यूटी पर भेजने के पूर्व पुलिस लाइन भेजा जाता है। वहां आवश्यकता के अनुसार जिले के विभिन्न थाना पर तैनात किया जाता है। परन्तु इसी कम में पुलिस लाइन से होमगार्ड जवान को एसपी आवास पर भेज दिया गया। वहाँ इन्हें सभी प्रकार के घरेलू कार्य करने को कहा जाने लगा। घर में किचेन के अलावा बागन और मवेशी की सेवा करने भी कहा गया। इन सब कार्यो से मना करने पर गाली गलौज करते हुए मारपीट की गयी। साथ ही भविष्य में किसी प्रकार की ड्यूटी नहीं दिए जाने का भी निर्देश दिया गया. बाद में एसपी द्वारा जिला प्रशासन से अनुशंसा कर होमगार्ड से बर्खास्त करने की अनुशंसा भी कर दी गयी। इस सम्बन्ध में सम्पर्क किये जाने के बाद एसपी दयाशंकर ने होमगार्ड जवान द्वारा लगाये गये आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कई होमगार्ड जवान को आवश्यकता के अनुसार एसपी के गोपनीय शाखा में प्रतिनियुक्ति की जाती है। सरकारी कार्य में उन्हें लगाया जाता है। घरेलू कार्य करवाने का आरोप आधारहीन व गलत है।
