जिला के स्वास्थ विभाग के सभी डाटा इंट्री ऑपरेटर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। विगत 6-7 वर्षो से 2399 डाटा ऑपरेटर राज्य स्वास्थ समिति के द्वारा कंपनी कॉन्ट्रैक्ट पर बहाल हुए इस योजना का नाम संजीविनी है। ये योजना अमूमन बहुत सफल हुई जिसमें ये ऑपरेटर तकनीकी रूप से योद्धा जैसे कार्य किये।इस कोरोना महामारी में सारे रिपोर्ट तैयार करना डाटा भेजना,रोस्टर बनाना,दवा बाटना, जन्मप्रमाण पत्र निर्गत करना,आयुष्मान कार्ड बनाना ऐसे कई काम इन प्राइवेट कॉन्ट्रैक्ट कर्मी को दिया गया।ये लोग इस डर में सभी काम किये की नौकरी से ना निकाल दिया जाए। आज नई कंपनी आई तो इन्हें निकाल नए लड़के/लडकिया भर्ती करने जा रही है।निकालने के लिए 100 प्रावधान करने के लिए आतुर है ये कंपनी क्योंकि इससे मोटी रकम आने वाली है बहाली प्रक्रिया पूरी करके।संदीप भारती पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डाटा इंट्री ऑपरेटर ने कहा कि आखिर क्या मजबूरी सरकार के पास है जो मिनिमम वेज पर खुद से मैनपावर नही दे सकती है और एक निजी कंपनी के हवाले 400 करोड़ का व्यापार करवाती है?ये आंदोलन नही हक की लड़ाई है और निश्चित तौर पे सभी व्यक्ति को इसके लिए अपने स्तर से विरोध करना चाहिए।आखिर इन डाटा ऑपरेटर की हक की सुनवाई कौन करेगा?मैं सभी राजनीतिक पार्टियों और सारे जनप्रतिनिधि से आग्रह करूँगा इस मैटर पर गंभीरता से अपनी पक्ष रखे साथ युवा कैरियर को बर्बादी होने से बचाएं। हड़ताल पर जाने की वजह से ओपीडी सेवा बाधित होगी जबकि इमरजेंसी सेवा बहाल रहेगी।
