जिला जमुई प्रखंड सिकंदरा से विजय कुमार जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि बिहार की शिक्षा वयवस्था आज भी दुरुस्त नहीं है।कहने को तो सरकार शिक्षक,पोशाक,भजन ,भवन, राशि ,साईकिल व निःशुल्क पाठ्य पुस्तक उपलब्ध कराती है। किन्तु गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कमी से आज भी बच्चे विद्यालय कम और कोचिंगों में ज्यादा देखे जाते है। ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों में कोचिंग संस्थान कुकुरमुत्ते की तरह देखे जा सकते है।आज की तारीख में यह उद्योग धंधो का रूप लेता जा रहा है।बच्चों का बेस सही नहीं रहने के कारण उनके लिए आगे की पढ़ाई कठिन हो जाती है। प्रारंभिक शिक्षा सही से ना मिलने के कारण बच्चों की शिक्षा कुंठित हो जाती है।