जिला जमुई सिकंदरा से विजय कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि एक ओर जंहा सूबे की सरकार सम्पूर्ण बिहार में स्वच्छता अभियान पर लाखो लाख खर्च कर रही है वहीं सिकंदरा प्रखण्ड इस अभियान से वंचित है। भले सरकार द्वारा मिडिया से प्रचार-प्रसार करा कर यह बताने का प्रयास किया जा रहा है की यह योजना काफी सफल साबित हो रही है परंतु सच तो यह है की धरातल पर यह योजना दम तोड़ती नजर आ रही है।पर्तमान में बड़ी संख्या में लोग खुले में शौच जाने को मजबूर है इसमें सबसे अधिक परेशानी प्रखण्ड की ग्रामीण महिलाओ को होती है उन्हें सुबह अँधेरे में शौच के लिए जाना पड़ता है और पुरे दिन इंतजार कर शाम में अँधेरे में ही जाना पड़ता है जिससे गांव की महिलाओ को काफी परेशानी होती है।इस खुले शौच में जाने के कारण अकसर महिलाओ के साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाए होती है।आज भी स्वच्छ अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रो में शौचालय बनाने की सरकारी कार्यक्रम मात्र घोषणा बन कर रह गई है। कही भी शुद्ध पेजल एवम शौचालय का निर्माण होते नहीं देखा गया है।इस कार्यक्रम को बहुत ज्यादा प्रोत्साहन भी नहीं मिल पाने के कारण गांव के लोग इस कार्यक्रम से अंजान है।जिस कारण स्वच्छता अभियान बिहार में दम तोड़ता नजर आ रहा है।
