ज्योति कुमारी जी सिकंदरा जमुई से बताती है कि भूखमारी को जड़ से मिटाना जरुरी है। भारत में गरीबी उन्मोलन और खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों में करोड़ो रूपए खर्च करने के बाद भी भूखमारी की समस्या का सही तरीके से निराकरण नहीं हो पाया है। आज भी देश की कुल आबादी का करीब एक तिहाई भाग गरीबी रेखा के निचे अपना गुजर बसर करने को मजबूर है। यह संयोग ही है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद आब तक के शासन काल में हमारी सरकार भूखमारी की समस्या के आंकलन में असफल साबित हुई है, वहीँ किसी भी राष्ट्र में जब तक अन्न के उत्पादन ,भण्डारण एवम वितरण की उचित व्यवस्था नहीं होगी ,तब तक वहाँ से कुपोषण और भूखमारी नहीं मिट सकेगी।हमारी सरकार इसी मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। उचित सहयोग तथा समर्थन के अभाव ने किसानों का एक बड़ा हिस्सा कृषि से मुँह मोड़ रहा है। उम्मीद है कि हमारी सरकार खाद्य सुरक्षा नीति को जमीनी स्टार पर लागु करेगी।