अग्निशमन दल के वाहनों को पानी से भर कर हमेशा रखा जाना चाहिए। जिससे की अचानक आग लग जाती है, तो तुरंत सहायता के लिए निकला जा सकता है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

मध्यप्रदेश राज्य के जिला शिवपुरी से श्यामलाल लोधी , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है सम्मानीय ज्योतिरादित्य सिंदिया ने जन कल्याणकारी योजना के सम्बन्ध में लोगों को बताया।

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प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक श्री दिनेश कुमार रजक द्वारा पोशाक का वितरण किया गया। दो जोड़ी बच्चों के लिए पोशाक वितरित की गई है। पोशाक पा कर बच्चे भी खुश हैं। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

मध्य प्रदेश राज्य के शिवपुरी जिला से मध्य प्रदेश से अनिल सिमोलियों ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि नदियों, झीलों, तालाबों, पेड़ों में, कभी-कभी चुनावों में, इस मुद्दे पर कभी कोई चर्चा नहीं होती। शिवपुरी जिले की तहसील की बात करते हैं। शोर में कस्बा खोड़ जिसके तहत कई गाँव आते हैं जहाँ इस बार मार्च, अप्रैल, मई और जून में पानी की बहुत समस्या होती है। इन सभी चार से पांच महीनों के लिए, पानी की सबसे अधिक समस्या है। इस समय इतनी समस्या है कि कुओं या नदियों या तालाबों में पानी नहीं है। अगर आप पानी के प्यासे हैं तो सोचिए कि जंगल के लिए पानी मिलना नामुमकिन है, इसलिए उसमें पेड़-पौधे सूख रहे हैं, जंगल सूख रहा है, इसलिए कम बारिश हो रही है, लोगों को कई परेशानियां हो रही हैं। इसलिए, कभी भी कोई चुनावी मुद्दा या कोई उम्मीदवार यह घोषणा नहीं करता है कि हम पानी बर्बाद नहीं करने जा रहे हैं या इसका उपयोग कैसे करें। इन चीज़ों के बारे में कोई कभी नहीं बताता, कोई भी इस चीज़ के बारे में बात नहीं करता। खोड़ गाँव के पास दो नदियाँ हैं, एक महुआर नदी में गिरती है और दूसरी एयर नदी में गिरती है। अगर एयर नदी सिंध में मिलती है, तो सिंध का बांध मणिखेड़ा जाकर बनाया गया है, लेकिन मकुर भी बहुत आगे जाकर बनाया गया है, ताकि उस चीज से उन लोगों को फायदा हो, लेकिन कम से कम यहाँ जो गाँव है। बीस-पच्चीस गाँव आते हैं जिनके लिए पीने के लिए पानी भी नहीं है, जो पहाड़ी क्षेत्र का गाँव है, इसलिए उन गाँवों में पीने के लिए पानी भी नहीं है, लोग पीने के लिए पानी के लिए तरसते हैं, हेड पंपों में पानी नहीं है, बोरे या दाख की बारियों में पानी नहीं है। कुओं में पानी नहीं है, तालाबों में पानी नहीं है, कहीं भी पानी नहीं है, इसलिए लोग वहां से पानी लाते हैं।

विश्वकर्म योजना में कोई भी अपना आवेदन कर सकता है

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सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा असली डीएपी की पहचान करने के बारे में जानकारी दे रहे है अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें