मध्य-प्रदेश से मोहन सिंह यादव जी ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया कि जब वो पढ़ने जाया करते थे,तब सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर बहुत बढ़िया था और स्कुल की फीस भी बहुत कम हुआ करती थी।शिक्षक पढ़ाने में रूचि लेते थे।वर्तमान समय में स्कूलों में शिक्षक पढ़ाने में बिलकुल भी ध्यान नहीं देते हैं और घर पर ट्यूशन पढ़ाने में रूचि लेते हैं।जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी होती है।इस कारण बच्चे उचित शिक्षा के लिए निजी स्कूलों में पढ़ने को मजबूर हो जाते हैं।सरकारी स्कूलों में शिक्षा की यदि यही दिशा और दशा रही तो, आने वाले दिनों में स्थिति और भयानक हो जाएगी।