झारखण्ड राज्य के धनबाद जिले के महुदा से राधू राय जी मोबाइल वाणी के माध्यम से "रक्षाबंधन" के पावन अवसर पर एक कविता पेश किये है, जिसमे इन्होने कहा है कि "कच्चे धागे रंग-बिरंगे राखी का त्यौहार आया है,सावन पूर्णमासी हर बहना के मन को हरसाया है,उसकी बहना भाई की कलाई में राखी बंधती है,मुह मीठा कराती,माथे पे मंगल टीका लगाती है,भाई भी खुश होकर बहना को शुभ आशीष देता है,विपत्ति में रक्षा करुँगा मन में संकल्प लेता है,राखी का यह पावन पर्व साल भर बाद आता है,भाई बहना का यह पर्व रक्षा बंधन कहलाता है।
