सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरों के जरिए दावा किया जा रहा है कि असम पुलिस ने कांग्रेस नेता अमजात अली को हथियारों के साथ एक मस्जिद से पकड़ा है. दावे में ये भी कहा गया है कि अमजात अली हिंदुओं को मारने की साज़िश कर रहा था. पोस्ट में तीन तस्वीरों का एक कोलाज है और एक मैसेज लिखा हुआ है. पहली फोटो में कुछ हैंड ग्रेनेड, गोलियां और सेब नज़र आ रहे है. दूसरे हिस्से में एक आदमी पुलिस के साथ हथकड़ी में दिखाई दे रहा है. पड़ताल में पाया कि पोस्ट में किया जा रहा दावा फ़र्ज़ी है. पहली फोटो पिछले साल श्रीनगर में हुए एक शूटआउट से जुड़ी है, वहीं दूसरी और तीसरी तस्वीर बांग्लादेश की हैं. रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल 29 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस की श्रीनगर में कुछ उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ हुई थी उसी दौरान इस तस्वीर को लिया गया था. इसके अलावा बांग्लादेश के कुछ लोकल न्यूज़ रिपोर्ट और ब्लॉग के मुताबिक फोटो में दिख रहे आदमी का नाम मुबारक हुसैन है. मुबारक एक मदरसे में टीचर था, जिसे 2018 अक्टूबर में एक 13 साल की लड़की के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. फोटो में दिख रही पुलिस की वर्दी भी बांग्लादेश पुलिस से मिलती है. तो आप भी इस खबर और फोटो सच न मानें, बल्कि ऐसी गड़बड़ी फैलाने वाली वायरल पोस्ट के बारे में मोबाइल वाणी के श्रोताओं को बताएं.