झारखण्ड राज्य के जिला बोकारो के प्रखंड चंद्रपुरा से नरेश महतो मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि दुग्धा कोल वॉशरी के मजदूरों को 70d के तहत 624 रुपये उच्च न्यायालय के आदेशानुसार मिल रहा था।परन्तु विगत सात माह से दुग्धा कोल वॉशरी के प्रबंधक की लापरवाही की वजह से इन मजदूरों की मजदूरी भुगतान नहीं किया जा रहा है।जबकि इनके साथ 64 मजदूरों को एरियर के साथ मजदूरी पर रखा गया,पर बाकी के मजदूरों को मजदूरी नहीं मिली।देखा जाये तो सवैधानिक दृष्टिकोण से कोल वाश्री कुछ को नौकरी देती है और कुछ को नहीं।जिन मजदूरों की नियुक्ति नहीं हुई उनका केस झारखण्ड उच्च न्यायालय में लंबित है।सूत्रों की माने तो इन मजदूरों की हालत इतनी दयनीय है कि ना तो भारत कोकिंग कोल कंपनी इन मजदूरों की सुध ले रही है और ना ही सरकार। इतना ही नहीं झारखण्ड के न्यायालय के आदेशानुसार जो पैसा मिल रहा था ,वह भी बंद कर दिया गया है।दुग्धा कोल वॉशरी के प्रबंधक की मनमानी चल रही जिस पर न्यायालय को संज्ञान लेने की जरुरत है जीससे मजदूरों का पैसा मिल सके।