बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला से पूनम दीदी ने बताया कि अगर किसी लड़की को माहवारी आती है, तो पहले समय के लोग आज भी इसे छुआछूत मानते हैं। उन्होंने बताया कि यह परम्परा बहुत पहले से चली आ रही की माहवारी आने के बाद किसी भी चीजों को छूने तक नहीं देते है और पूजा पाठ के स्थानों में भी जाने के लिए मना करते है। उन्होंने यह कहा कि यह प्रकृति द्वारा दिया गया है। इसको लेकर हम सभी को छुआछूत नहीं माननी चाहिए
