आज सबसे बड़ी समस्या गरीबी बन चुका है जिसका मुख्य कारण बेरोजगार है गरीबी होना भी एक अभिशाप बन चुका है सरकार खुद कोशिश कर ले लेकिन गरीबी दूर करने के लिए सरकार योजनाओं लाती रहती है जबकि यह योजना वहीं तक सीमित रह जाती है जहां तक सरकार की योजना पहुंचने चाहिए वहां पहुंच नहीं पाती है जिस कारण गरीबी की मार झेल रहे नौनिहाल बच्चे पैसे की दौड़ के होर में मजदूरी करने पर विवश हो जाते हैं जैसा कि सरकार का बाल अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम बच्चों को मजदूरी करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा चुकी है फिर भी बच्चों का कहना है कि परिवार के लिए दो वक्त की रोटी के लिए अपने भविष्य को कुर्बान कर चुका हूं, उन्होंने कहा बताया कि 6 क्लास पढ़ने के बाद हमने पढ़ाई छोड़ कर अपने परिवार के लिए मजदूरी करने पर विवश हो चुका अब मैं आइसक्रीम बेचकर प्रतिदिन ढाई सौ से ₹300 देहारी के रूप में कमा कर परिवार को चला पाते हैं यह बात सोचना भी लाजमी है कि दोष सरकार की है या समय की मार की ।
