वट सावित्री पूजा का चलन अचानक से बढ़ गया है। सोमवार को विद्यापति नगर के विभिन्न स्थानों पर वट सावित्री पूजा को लेकर महिलाओं के द्वारा पूजा स्थल पर भारी भीड़ लगाई गई। परंपरागत तरीके से पूजा किया जा रहा है। बरगद के पेड़ के नीचे पूजा करने की परंपरा है। वट सावित्री की पूजा के साथ-साथ सोमवारी अमावस्या को लेकर पीपल के पेड़ के नीचे भी महिलाओं के द्वारा परंपरागत रूप से पूजा की जा रही है। पीपल के पेड़ पर जल अर्पण, फल फूल से पूजा इत्यादि करने की परंपरा है और कच्चे धागे के साथ पीपल के पेड़ की पूजा भी की जाती है। बरगद के पेड़ के बीच नीचे वट सावित्री की पूजा परंपरागत तरीके से होती है फल फूल इत्यादि से पूजा किया जाता है। पंखे से बरगद के पेड़ को हवा दी जाती है फिर 11 से लेकर 108 बार कच्चे धागे से बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है।पूरी जानकारी के लिए लिंक को अभी क्लिक करें।