बुधवार को खरना का महाप्रसाद ग्रहण करने के बाद छठ व्रती उपवास करेंगे और गुरुवार को अस्त होते सूर्य को तथा अगले दिन उदय होते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद उपवास तोड़ेंगे।
बुधवार को खरना का महाप्रसाद ग्रहण करने के बाद छठ व्रती उपवास करेंगे और गुरुवार को अस्त होते सूर्य को तथा अगले दिन उदय होते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद उपवास तोड़ेंगे।