बिहार राज्य के मधुबनी जिला के खजौली प्रखंड से रामाशीष सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि क्या लोगों की मानसिकता को बदलने के लिए अलग से विद्यालय खोलना होगा या कानून को कड़ाई से लागु करना पड़ेगा। खजौली प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में कई सालों से शौचालय निर्माण के लिए व्यापक ढंग से प्रचार प्रसार किया जा रहा है तथा हजारों शौचालय का निर्माण भी किया गया हैं। सरकार द्वारा शौचालय निर्माण के लिए प्रत्येक लाभुक को 12000 रूपये की अनुदान राशि भी दी जा रही है। किन्तु लोगों में इस योजना के प्रति मानसिकता बदलते नजर नहीं आ रही है। देखा जा रहा है कि लोगों के घरों में शौचालय बनाया गया है। लेकिन उसका उपयोग लोग अपने घरों के सामान को रखने में कर रहे हैं। और शौच के लिए बगीचा एवं सड़कों का इस्तेमाल करते हैं।
