बिहार राज्य के मधुबनी जिला के खजौली प्रखंड से रामाशीष सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि बच्चे देश के भविष्य होते हैं लेकिन अगर बच्चों के भविष्य अन्धकार में हो तो एक अच्छे देश की कल्पना नहीं की जा सकती हैं। कई जग़ह चौदह वर्ष से कम आयु के बच्चों से कठिन कार्य करवाया जाता हैं। देश में बाल श्रम एक अपराध हैं इसके लिए कानून भी बनाई गई हैं। कानून के उलंघन करने वालों को एक वर्ष की जेल और जुर्माना लगता हैं।लेकिन सजा का ये प्रावधान काम की ही सूची में रह जाती हैं। आज देश में खुले-आम बाल मज़दूरी ज़ारी हैं तथा इसका विरोध करने वाला कोई नहीं हैं।
