बिहार राज्य के मधुबनी जिले से,रामाशीष जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि खजौली अंचल में वर्षों से नहीं हो रहा है दाखिल ख़ारिज जिसे हज़ारों लोग परेशान हैं।जिसके कारण भूस्वामियों को अनेक सरकारी योजनाओं से वंचित होना पड़ रहा है।इसके साथ ही सरकार को भी कई लाख रुपये का राजस्व नहीं मिल रहा है।बिहार भूमि दाखिल खारिज नियामवली 2012 के अनुसार दाखिल खारिज के लिए याचिका दायर करने के लिए अंचल निरीक्षक को प्रतिवेदन दे सकते हैं।जिसके दो दिनों के भीतर कर्मचारीयों को इसकी जाँच करनी होती है।लेकिन इस जांच की परक्रिया दो दिनों के बदले महीनों और वर्षों में भी पूरी नहीं होती हैं।लोग थक कर बैठ जाते हैं पर कोई सामाधान नहीं निकलता है।इस समस्या के निराकरण के लिए जल्द ही कोई प्रयास किया जाना चाहिए।