जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मधुबनी जिला के चिकित्सा विभाग की भी अजीबो गरीब दास्ताँ है। बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग की स्थिति यह है कि जब भी किसी चिकित्सा पदाधिकारी का पदस्थापन किसी अस्पताल में हो जाता है तो वे आसानी से वर्षो तक वही पर कुंडली मार कर बैठे रहते है।मालुम हो की मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने 2005 में अपना योगदान दिए था ,पर आज तक वे यही पर जमे हुए है ।वे 12 वर्षो से यहाँ पर अपनी मनमानी लापरवाही करते जा रहे है, उन्हें रोकने और टोकने वाला कोई नहीं है।बिहार के स्वास्थ्य मंत्री को अविलंब इस और ध्यान देने की जरुरत है।