बिहार के जिला मधुबनी,प्रखण्ड खजौली से रामाशीष सिंह जी मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि सरकार के लाख प्रयास के बावजूद भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दुर्लभ बनती जा रही है।आखिर क्यों सरकार की तरफ से मिलने वाली पोषक राशि,छात्रवृति,मध्याह्न भोजन,साईकिल वितरण जैसी लुभाने वाले योजना भी शिक्षा के लिए निजी विद्यालयों की ओर बढ़ते विकास को नहीं रोक पा रहे है।क्योंकि सरकारी विद्यालयों में छात्रों का अनुपात सही नहीं है।योग्य शिक्षकों का आभाव है।सरकारी विद्यालयों के शिक्षक अपनी जवाबदेही से भागते है।वेतन विषमता के कारण उनमे अध्यापन के प्रति उत्साह में कमी है।जिसके कारण सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई-लिखाई चौपट है।दूसरी ओर निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों पर नियन्त्रण रखा जाता है तथा अध्यापन की निगरानी भी की जाती है।क्योंकि उन्हें भय रहता है की अगर अच्छी शिक्षा ना दी जाये तो छात्रों की संख्या घट जाएगी।और इसका असर विद्यालय की आमदनी पर पड़ेगा।इसलिए ये कड़ी मेहनत,निगरानी एवं अनुशासन पर ध्यान देते है और इसका परिणाम अच्छा आ रहा है।दोस्तों इनकी तरह आप भी कोई जानकारी या किसी विषय पर अपना विचार मोबाइल वाणी के साथ बाँटना चाहते हैं ,तो मिस्ड कॉल जरूर करें हमारे निःशुल्क नंबर 08800984861 पर।
