जिला मधुबनी के खजौली प्रखंड से रामाशीष सिंह जी मोबाईल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि इन दिनों शहर एवं देहातों में शादी के मौके पर ध्वनि प्रदूषण किया जा रहा है। यदि लोग गाजे-बाजे का उपयोग नहीं हो तो शायद शादी की रस्म ही अधूरी रह जाएगी।इसकी चिंता न शादी के आयोजकों को है और न ही प्रशाशन को इसका कुप्रभाव जनता भुगत रही है।इन बाजो पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून भी है पर इसका निराकरण नहीं हो रहा।