बिहार राज्य के मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड से संवाददाता रामाशीष सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से देश में खुल रहे वृद्ध आश्रम और विधवा आश्रम के सम्बन्ध में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जहाँ एक और मनुष्य आसमान की ऊँचाइयाँ छु रहा है,अंतरिक्ष की गहराइयों की खोज कर रहा है,वहीं दूसरी ओर मनुष्यों का नैतिक पतन भी हो रहा है।देश में वृद्धा आश्रम और विधवा आश्रम की जरुरत बताई जा रही है।भारत को श्रवण कुमार का देश कहते हैं लेकिन आज आधुनिकता के रंग में लोग अपने बूढ़े माता-पिता के साथ नौकरों की तरह बर्ताव करते हैं।आज बच्चों के पास दोस्तों के साथ घूमने,पार्टी करने,मॉल में शॉपिंग करने का समय है,लेकिन अपने माता-पिता के साथ बिताने के लिए कुछ समय नहीं है।यही कारण है कि आज वृद्ध आश्रम और विधवा आश्रमों की संख्या बढ़ती जा रही है लोग अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होने के लिए अपने माता -पिता को वृद्ध आश्रम में रहने पर मजबूर कर देते हैं।सही मायने में अब वो समय आ गया है जब हमें आधुनिकता के साथ-साथ भारतीयता को भी बचाना होगा।
