जिला मधुबनी प्रखंड खजौली से रामाशीष सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है की स्त्री और पुरुष समाज के दो मुख्य पहिये है।यदि इसका एक भी पहिया कमजोर होगा तो रथ आगे नहीं बढ़ पायेगा।अत: समाज रुपी रथ को आगे विकास के पथ पर ले जाने के लिए स्त्रियों का शिक्षित होना जरुरी है।एक बालक को शिक्षित करने का मतलब है एक वयक्ति को शिक्षित करना लेकिन एक लड़की को शिक्षित करने का मतलब है एक परिवार को शिक्षित करना।क्योंकि बच्चे पर एक पिता की अपेक्षा माता का ज्यादा प्रभाव पड़ता है।उत्तरदायित्व को निभाने में पुरुषों की अपेक्षा महिला ज्यादा समझदार होती है।इसके बाउजूद भी स्त्री शिक्षा को महत्व नहीं दिया जा रहा है।बिटिया हमारी गौरव है। सरकार इसके लिए सरकार किताब ,पोशाक और साइकिले उपलब्ध करा रही है ,जिससे भारत की स्त्रियां शक्तिशाली एवं मजबूत धरोहर बन सके।