झारखण्ड राज्य के पंचायत उग्रा के ग्राम मेढ़ो से संजय उरांव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि पर्यावरण सभी की ज़रुरत है पर इसका कोई संरक्षण करना नहीं चाहता है। विकास के नाम पर पेड़ पौधे को काट दिया जा रहा है। जिसके कारण गाँव और शहरों में दुष्परिणाम दिख रहा है जैसे अधिक तापमान बढ़ जाना ,वर्षा कम होना ,सुखाड़ आदि।

झारखण्ड राज्य के लोहरदगा ज़िला के सेन्हा प्रखंड के ग्राम दत्रि से प्रमोद भगत मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि ये पर्यावरण बचाने के लिए खुद से पेड़ पौधा लगाए है। ये चाहते है कि पर्यावरण की दिशा में और कुछ कदम उठाए पर इन्हे यह समझ में नहीं आ रहा है कि लोगों को पर्यावरण को लेकर जागरूक कैसे करे।

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