झारखण्ड राज्य के लोहरदगा ज़िला के सेन्हा प्रखंड से कमला देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से ग्रामीण महिला मनती के जीवन संघर्ष के बारे में विस्तार से बताया। मनती की शादी के बाद उनको दो बेटी हुई। उनके पति ने उनको छोड़ दिया और घर से बाहर निकाल दिया।मनती दीदी डलिया में चना-मुढ़ी लेकर गांव गांव घूमकर अपने बच्चों का जीवन यापन करती थी।धीरे - धीरे पूंजी बढ़ा और उन्होंने घर में दूकान खोल लिया।साथ ही बच्चों को भी पढ़ाया।दुर्घटना में बड़ी बेटी का निधन हो गया तथा छोटी बेटी की शादी हो गई है।अब मनती दीदी अकेले रहती हैं और अपना दूकान चलाती हैं