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मोबाइल वाणी के माध्यम से अशोक प्रयाग मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि टी बी के मरीजों को सही से दवायें नहीं मिल रही. टी बी के मरीजों को हॉस्पिटल से इलाज तो मिल जाता है लेकिन दवायें नहीं मिल पाती ,दवाओं के लिए उन्हें दुकानों में भटकना पड़ता है
महिला उद्यमी सशक्तिकरण कार्यक्रम के माध्यम से चाची कहिन के दूसरी कड़ी में चाची बता रही है कि हमलोग अपनी छोटी छोटी आय को कैसे और कहाँ पर बचा कर रख सकते है।
आपका पैसा आपकी ताकत की आज की कड़ी में हम सुनेंगे और जानेंगे पैसों के सही निवेश के बारे में
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मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारे श्रोता जानकारी दे रहे हैं कि सखी स्टेशन बहुत अच्छा लगता है
उदास होने पर हंसा देती है माँ नींद नहीं आने पर सुला देती है माँ मकान को घर बना देती है माँ खुद भूखी रह कर भी बच्चों का पेट भर्ती है माँ जी हां दोस्तों, माँ होती ही ऐसी हैं और माँ का इसी त्याग, समर्पण और प्यार पर समर्पित है मदर्स डे यानि मातृत्व दिवस। आज के दौर में यह दिन हर माँ के सम्मान में मनाया जाता है। आइये जानते हैं मदर्स डे मनाने की परंपरा की शुरुआत कब और कैसे हुई। दरअसल मदर्स दे 20वीं सदी की शुरुआत में अन्ना जार्विस द्वारा स्थापित किया गया था, जो उनकी अपनी मां के मानवीय कार्यों के प्रति समर्पण से प्रेरित था।1914 में , राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका में मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे के रूप में नामित किया, जिसे बाद में अन्य देशों ने अपनाया। साथियों,एक और खास बात यह है कि हर साल मातृ दिवस का एक अलग थीम होता है और इस बार का थीम है "सेलिब्रेटिंग मदरहुड: ए टाइमलेस बॉन्ड". मदर्स डे ना सिर्फ मां को समर्पित है बल्कि उनके त्याग, बच्चों के लिए समर्पण और खुद से ज्यादा बच्चों के लिए प्रेम की सराहना भी करता है.मां और बच्चे का रिश्ता हर रिश्तों से बड़ा होता है. साथियों, मोबाइल वाणी के पुरे परिवार की ओर से आप सभी को मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं । धन्यवाद !!
