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महिला उद्यमी सशक्तिकरण कार्यक्रम के माध्यम से चाची कहिन के दूसरी कड़ी में चाची बता रही है कि हमलोग अपनी छोटी छोटी आय को कैसे और कहाँ पर बचा कर रख सकते है।
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"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा गेँहू की फसल को चूहों के आक्रमण से होने वाले नुकसान एवं उपचार सम्बंधित जानकारी दे रहे हैं । विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें...
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महिला उद्यमी सशक्तिकरण कार्यक्रम के माध्यम से चाची कहिन के पहली कड़ी में चाची बता रही है कि हमारे जीवन में बचत क्यों जरुरी है और हम अपनी बचत को कहाँ कहाँ पर खर्च कर सकते है।
आपका पैसा आपकी ताकत की पहली कड़ी में हम सुनेंगे की कैसे बचत कर सकते हैं और डिजिटल लेन देन क्यों जरुरी है
मोबाइल वाणी का मंच लेकर आया है एक खास और रोमांचक कार्यक्रम — "कौन बनेगा बिजनेस लीडर"। यह एक ऐसी प्रतियोगिता है जहाँ आपकी बिजनेस के प्रति समझ, ज्ञान और समर्पण को परखा जाएगा। बिजनेस की दुनिया में आपकी रफ्तार कितनी तेज है? क्या आपके मन में भी बिजनेस से जुड़े कई सवाल हैं? तो दोस्तों ….क्या आपके पास है कोई अनोखा बिजनेस आइडिया? तो उसे दुनिया तक पहुँचाइए और बनिए दूसरों के लिए प्रेरणा। अगर आप अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहते हैं और एक विशिष्ट उद्यमी बनना चाहते हैं, तो मोबाइल वाणी सुनते समय अपने फोन पर नंबर 3 दबाएँ और रिकॉर्ड करें अपना बिजनेस आइडिया।
नमस्कार, आदाब दोस्तों ! स्वागत है आपका मोबाइल वाणी और माय कहानी की खास पेशकश कार्यक्रम भावनाओं का भवर में। साथियों, आज हम बात करेंगे लड़को के रोने पर - जी हाँ सही सुना, लड़को के रोने पर ही आज बात करेंगे ताकि हम समझ पाए बछ्पन के सुने हुए यह जुमले बच्चे के मन पर क्या असर दाल जाता है और आगे चलते उनके मन पर क्या असर पड़ता है। क्यूंकि मानसिक विकार किसी की गलती नहीं इसलिए इससे जूझने से बेहतर है इससे जुड़ी पहलुओं को समझना और समाधान ढूंढना। तो चलिए, सुनते है आज की कड़ी। .....साथियों, अभी आपने सुना की चाहे इंसान कितना भी सख्त दिखने की कोशिश क्यों न करे, ज़िन्दगी के पूछ पलों में उन्हें भी रोने का मन करता है और ऐसे समय में रो लेना कितना ज़रूरी है। पर क्या हमारा समाज इतनी आसानी से लड़कों को रोने की आज़ादी दे दे सकता है ? क्या केबल रोने या न रोने से ही साबित होता है की वो इंसान कितने मज़बूत किरदार का मालिक है ? और क्या इसी एक वाक्य से हम बचपन में ही लिंग भेद का बीज बच्चो के अंदर ने दाल दे रहे है जो पड़े होते होते न जाने कितने और लोगो को अपनी चपेट में ले चूका होता है ! आप के हिसाब से अगर लड़के भी दिलका बोझ हल्का करने के लिए रोयें और दूसरों से नरम बर्ताव करे तो समाज में क्या क्या बदल सकता है ? इस सभी पहलुओं पर अपनी राय प्रतिक्रिया और सुझाव जरूर रिकॉर्ड करें अपने फ़ोन में नंबर 3 दबाकर। और हां साथियों अगर आपके मन में आज के विषय से जुड़ा कोई सवाल हो तो वो भी जरूर रिकॉर्ड करें। हम आपके सवाल का जवाब तलाश कर आप तक पहुंचाने की पूरी कोशिश करेंगे। साथ ही इसी तरह की और भी जानकारी सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें https://www.youtube.com/@mykahaani
