ठंड से बढे मरीज
सुनवाई के लिए 23 नवंबर अगली तारीख तय की गई
चार जिलों में अक्षत कलश का वितरण
भाटपार रानी,देवरिया: छठ महापर्व के पूर्व गांव के ग्राम प्रधानों द्वारा गांव में छठ घाट की साफ - सफाई अभी से आरंभ हो चुकी है। क्षेत्र के ग्राम चनुकी की महिला ग्राम प्रधान सावित्री पांडेय ने अपने गांव स्थित छोटी गंडक नदी के चनुकी छठ घाट पर इस वर्ष नये 75 छठ वेदी का निर्माण स्वयं अपने खर्चे से कराने का संकल्प लेकर निर्माण कार्य आरंभ करा चुकी है । इसमें ग्रामीण स्वयं श्रमदान भी कर रहे हैं । ग्राम प्रधान सावित्री पांडेय एवं उनके प्रतिनिधि शिव शंभू पांडेय ने बताया कि उन्हें छठदेवी का वेदी बनवाने से आत्म संतोष की अनुभूति हो रही है । इसीलिए उन्होंने इस वर्ष इस कार्य का संकल्प लिया है। इस दौरान ग्राम के कमल नारायण पांडेय, पुनीत पांडेय, मधुसूदन , अजीत ,बृजेश पांडेय आदि ग्रामीण श्रमदान कर रहे हैं।
किसान सम्मन निधि योजना के पत्र लाभार्थियों का विकासखंड भागलपुर के तरफ से कर्मचारियों के द्वारा निशुल्क केवाईसी किया गया
भाटपार रानी देवरिया। अष्टम् आयुर्वेद दिवस के अवसर पर भाटपार रानी क्षेत्र के खामपार में स्थित 50 शैय्या आयुष चिकित्सालय में आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि जयंती मनाई गई जिसमें कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य राजकुमार शाही और चिकित्सा अधीक्षक डा.विनोद कुमार यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर, भगवान धन्वंतरि जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर देशवासियों के स्वस्थ व निरोगी जीवन की कामना की। राजकुमार शाही ने कहा कि आयुर्वेद हमें हजारों वर्षों से स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रहा है। प्राचीन भारत में आयुर्वेद को रोगों के उपचार और स्वस्थ जीवनशैली व्यतीत करने के तरीकों में से एक माना जाता था। आयुष चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डा.विनोद कुमार यादव ने कहा कि -आयुर्वेद स्वस्थ व सुखद जीवन का वरदान है।आयुर्(जीवन) और वेद(ज्ञान) का मर्म ही उत्तम जीवन की आधारशिला है। आयुर्वेद प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति की द्योतक है, जिसमें प्रकृति प्रदत्त वानस्पतिक का उपयोग निरोगी काया प्रदान करने में सहायक होता है। भौतिक परिवेश और वानस्पतिक समावेश का समन्वय ही आयुर्वेद है। आयुर्वेद मूलतः तीन प्रकार के ऊर्जा या कार्यात्मक सिद्धांतों की पहचान करता है, जो हर किसी इंसान और हर चीज में मौजूद है।इसे त्रिदोष सिद्धांत कहते हैं।जब ऐ तीनों दोष -कफ,पीत और वात सन्तुलित रहते हैं तो शरीर स्वस्थ रहता है। असंतुलन की अवस्था में नाना प्रकार के रोग से व्यक्ति ग्रसित हो जाता है। प्रकृति ने भौगोलिक और पर्यावरणीय विभिन्नता के अनुसार ही प्रकृति ने विभिन्न प्रकार की औषधियों की श्रृंखला प्रदान कर सहचर मनुष्य और जीवों को परिपोषित किया है।इस बदलते मौसम के अनुसार संक्रामक दौर में प्रकृति प्रदत्त औषधीय गुणों वाले - आंवला, तुलसी,बथुआ, हल्दी,काली मिर्च और आदी आदि उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करते हैं। डा.मनीष कुमार मल्लिक ने कहा कि - स्वस्थस्य स्वस्थ्य रक्षणम्, अतुर रस्य विकार प्रशमन:च।। यानी स्वस्थ व्यक्ति को स्वस्थ रखा जाय, और रोगी व्यक्ति को स्वस्थ किया जाय, यही हम सभी का मूल लक्ष्य है।यह अस्पताल सेवा और समर्पण की नित नई इबारत लिख रहा है। उक्त अवसर पर मिशन ग्रामोदय के संचालक जगरनाथ यादव ने कहा कि - आयुर्वेद प्रकृति का अनूठा वरदान है जो जीव को उत्तम जीवन जीने कला प्रदान करता है। प्रकृति ने जीवों के स्वास्थ्य लाभ हेतु भौगोलिक और पर्यावरणीय पारिस्थैतिकी के अनुसार असंख्य औषधीय पादप श्रृंखला प्रदान की है। निरोगी काया को पुष्ट करती आयुर्वेद की चिकित्सा पद्धति ने मौसमानुसार -फल,फूल,बीज,पत्ती और तना से मनुष्य को लाभान्वित करती रही है।
खेत की जुताई करने जा रहा ट्रैक्टर पलटा,एक की मौत,चालक घायल भाटपार रानी,देवरिया । स्थानीय थानाक्षेत्र के ग्राम करमुआ में बृहस्पतिवार को खेत की जुताई करने हेतु ट्रैक्टर लेकर जाते समय करमुआ तटबंध पर स्थित रेगुलेटर के समीप ट्रैक्टर पलट गया। जिससे ट्रैक्टर पर बैठे किसान की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई वही चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल चालक को प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने मृतक किसान के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। ग्राम महुजा थाना भाटपार रानी निवासी 58 वर्षीय गांधी साहनी गांव के ही एक व्यक्ति का ट्रैक्टर लेकर करमुआ स्थित अपने खेत की जुताई कराने ले जा रहे थे । रास्ते में ग्राम करमुआ के छोटी गंडक नदी तटबंध के रेगुलेटर के आगे कुछ दूरी पर कच्ची सड़क के पास ट्रैक्टर पलट गया। ट्रैक्टर पर बैठे गांधी साहनी तथा चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। आस - पास के लोग दोनों को घायल अवस्था में लार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए ।जहां गांधी साहनी को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया और गंभीर रूप से घायल चालक को जिला अस्पताल भेज दिया।चालक का एक पैर टूट गया था।तथा सीने मे गंभीर चोट आई है। गांधी साहनी की मौत की खबर सुनते ही परिवार में चीख पुकार मच गई। थानाध्यक्ष दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि मृतक गांधी साहनी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा चालक को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
मंडी में अनाज का भाव
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ट्रायल सफल जल्द शुरू हो जाएगा ट्रेनों का संचालन
