उत्तरप्रदेश राज्य के देवरिया में बैंकों में किसी तरह का लोन लेने के लिए 3 साल के आइटीआर इनकम टैक्स रिटर्न के पेपर देने होते हैं किसान ट्रैक्टर व घर के लिए लोन लेने की आइटीआर फाइल करते हैं आईटीआर फाइल करते ही उनके खातों में आयकर दाता का स्टेटस अपडेट हो जाता है आयकर दाता बनते ही किस को अमीर बताते हुए किसान सम्मन निधि से वंचित कर दिया जाता है जानकारी के अनुसार जिले में ऐसे करीब 50000 से अधिक किसानों के सम्मान निधि अकाउंट में नहीं पहुंच रही है