ठंड और शीतलहर से बचाव के लिए शासन की ओर से पहले ही प्रबंध करने के निर्देश दिए जाते हैं। इस बार भी दिए गए हैं, लेकिन आदेशों का असर जमीन पर नहीं दिखाई दे रहा है।