सरकार आपरेशन कायाकल्प योजना के द्वारा प्राथमिक विद्यालयों को सुविधा युक्त कर हाईटेक करने की कवायद में लगी है वहीं अधिकारियों की लापरवाही व उदासीनता के चलते कतिपय विद्यालय इस योजना से वंचित हैं। प्राथमिक विद्यालय इंदासों में कायाकल्प कल्प योजना अंतर्गत कोई कार्य नही हुआ है। कायाकल्प के तहत हर प्राथमिक विद्यालय को 18 पैरामीटर पल संतृप्त करना है। इसमें दिव्यांग शौचालय, टाइलीकरण व इंटरलॉकिंग मुख्य है। स्थिति यह है कि उक्त विद्यालय में अभी तक दिव्यांग शौचालय पूर्ण नही हो सका है। विद्यालय के अंदर लगा इंडिया मार्का हैंडपंप बालू युक्त पानी दे रहा है। विद्यालय के किसी भी कमरे में टाइलीकरण नही हुआ है। विद्यालय परिसर में इंटरलॉकिंग नही किया गया है। किचेन रुम पूर्णतया जर्जर हो चुका है। बच्चों का भोजन विद्यालय के अन्य. कमरे में बन रहा है। बहुत पहले बनाई गई बाउंड्री इस समय पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। बाउंड्री की उचाई भी काफी कम है। विद्यालय परिसर में मिट्टी भराई भी नही हो सकी है। प्रधानाध्यापक रमेशचंद राम का कहना है कि इस संबंध में बार बार ग्राम प्रधान से कहा जाता है लेकिन वह सुनते ही नही हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी हरीश कुमार का कहना है कि अभी हमारी नवीन तैनाती है। इसे देखवा कर कायाकल्प योजना के तहत विद्यालय को संतृप्त किया जायेगा।