सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत सरयू नदी तल में अवैध बालू खनन के कथित आरोप के क्रम में एनजीटी की ओर से केंद्रीय व राज्य प्रदूषण बोर्ड सहित जिलाधिकारी को नोटिस जारी होने के बाद प्रशासनिक अमला सक्रीय हो गया। दोपहर में राजस्व टीम और खनन विभाग की टीम ने कठौड़ा के दियारे में मौके पर पहुंच कर वास्तविक स्थिति को जांचा परखा और संबंधित ठेकेदार को क्लीन चिट देने के साथ आगाह भी किया। गौरतलब हो कि कुछ समय पहले सिकंदरपुर में एसडीएम ने रेत लदे ट्रक को पकड़ा था। इसके बाद एसडीएम ने खनन विभाग के अधिकारियों को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। सरयू नदी में बालू खनन से संबंधित पट्टा होने के बाद बीते मंगलवार को ही राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की निगरानी में संबंधित भूमि का सीमांकन किया गया था। ठेकेदार को निर्धारित भूमि से ही खनन कराने का आदेश दिया था। बता दें कि करीब 1000 हेक्टेयर वाले गाटा संख्या 3020 कई संघटकों में बंटा है। इसमें कुछ स्थानीय काश्तकार और सरकारी भूमि है। उक्त भूमि में 360 मीटर लंबा पंद और 160 मीटर चौड़े परिक्षेत्र के लिए क्यू पट्टा दिया गया है। इसका क्षेत्रफल पांच हेक्टेयर है। उक्त सीमांकित भूमि का अधिकांश हिस्सा नदी तल में है। मौके पर जांच टीम को निर्धारित भूमि से कम क्षेत्रफल में ही खनन करते पाया गया। खनन इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि बालू लदे सभी ट्रकों को निर्धारित मानक के अनुरूप ही लोडिंग करनी है। इसके लिए बकायदे कांटा भी लगाया गया है।
