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उत्तर प्रदेश राज्य के जिला आज़मगढ़ से मोबाइल वाणी के माध्यम से अंजू देवी लौकी की भरफी बनाने की विधि बता रही हैं। इसके लिए लौकी, घी, खोआ, किसमिस चीनी, काजू, बादाम, छोटी इलाइची और गुलाब जल ले। लौकी को धोकर और छीलकर उसे कस करले फिर कढ़ाई में घी को गरम करके लौकी के पानी को खोआ में फ्राई करें। उसके बाद दूसरे भगोना में पानी गरम करके चीनी डाले और चासनी बना ले। फिर भुने खोआ और लौकी को चासनी में डालते हैं उसके बाद काजू, किसमिस, बादाम, छोटी इलाइची और गुलाब जल को डालते हैं। फिर थाली में थोड़ा घी लगाकर चासनी में भीगी लौकी को फैला देते हैं और ठंडा होने पर चाक़ू से उसे भरफी के साइज में काटकर परोस देते हैं

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एडीआर संस्था ने अपनी एक और रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में राजनीतिक पार्टियों की कमाई और खर्च का उल्लेख है। यह रिपोर्ट बताती है कि कैसे राजनीतिक पार्टियां अपने विस्तार और सत्ता में बने रहने के लिए बड़े पैमाने पर खर्च करती हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक देश के सबसे बड़े सत्ता धारी दल ने बीते वित्तीय वर्ष में बेहिसाब कमाई की और इसी तरह खर्च भी किया। इस रिपोर्ट में 6 पार्टियों की आय और व्यय के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, सीपीआई एम और बीएसपी और एनपीईपी शामिल हैं। दोस्तों, *---- आपको क्या लगता है, कि चुनाव लडने पर केवल राजनीतिक दलों की महत्ता कितनी जरूरी है, या फिर आम आदमी की भूमिका भी इसमें होनी चाहिए? *---- चुनाव आयोग द्वारा लगाई गई खर्च की सीमा के दायेंरें में राजनीतिक दलों को भी लाना चाहिए? *---- सक्रिय लोकतंत्र में आम जनता को केवल वोट देने तक ही क्यों महदूद रखा जाए?