हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे।

अमित के मारा ने अगमगढ़ में बाल वामी से बात की , आप कोने में बैठकर क्यों रोते हैं , आप कोने में बैठकर क्यों रोते हैं , आप कोने में बैठकर क्यों रोते हैं , आप क्यों रोते हैं , आप क्यों रोते हैं ? वह सपनों से क्यों डरता है , वह आंसुओं से क्यों डरता है , वह मेहनत से क्यों डरता है , वह झूठ बोलने वालों से क्यों डरता है , वह गिरने से क्यों डरता है । तो मुट्ठी में पैसा रेखाओं को ले जाता है जैसे कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता , शुरुआत साहचर्य के घर से डरती नहीं है , वह परेशानी से क्यों डरती है , तो लड़ाई से पीछे क्यों हटें , आपको किसने रोका ?

उत्तरप्रदेश राज्य के आजमगढ़ जिले की अनीष्का ने मोबाइल वाणी के माध्यम से एक कविता सुनाई है जिसके बोल है घुट घुट कर जीना छोड़ दे

अनीष्का मौर्य आजमगढ़ मोबाइल से बोलते हुए वानी सर्वतीर्थ इतिहास मेयरफास मिताने चली हो आप इतिहास से ही खुद का उपहास करना जानते हैं कि आज पैसा ही पैसा है । निश्चित रूप से यही स्थिति निश्चित रूप से आधा अमिता सास्वता सही गर्ज के मामले में थी , मीठा या दर्दनाक , निश्चित रूप से बहुत चयनात्मक पा लेना चाहे रिद्दा चाहे कर देना । यह मत भूलिए कि इतिहास इतिहास है , घृणा भी इतिहास है , प्रेम भी इतिहास है । पाया नहीं जा सकता , नकली नहीं किया जा सकता , ठीक नहीं किया जा सकता , समय के पदचिह्न सर्वव्यापी हैं । अंतिम हिम युग , अंतिम हिम युग , कांस्य युग , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , संस्कृति , संस्कृति , संस्कृति , संस्कृति , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , संस्कृति , संस्कृति , संस्कृति , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , संस्कृति , संस्कृति , संस्कृति , संस्कृति , संस्कृति , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , संस्कृति , संस्कृति , संस्कृति , संस्कृति , संस्कृति , संस्कृति , संस्कृति , संस्कृति , संस्कृति , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास , इतिहास बनाम । मानवता आत्म - सम्मान आत्म - प्राप्ति संघर्ष क्रांति निर्धारण स्वतंत्र चेतना निरंतर विकास इतिहास राजवंशी महिमा मंडल गुंबद की कहानियों में गहराई से

उत्तरप्रदेश राज्य के आजमगढ़ जिले की अनिष्का ने मोबाइल वानिकी माध्यम से एक कविता सुनाया है जिसके बोल है रास्ता और चमका दिया

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आपको पारंपरिक भोजन की जाने लिए तो मिलेगा स्वास्थ्य के साथ आयेगी संबंध कहता है , वेदों में भोजन को ब्रह्मा कहा जाता है , कहा जाता है , जैसे आप भोजन करते हैं , वैसे ही आपका मन भी आयुध बन जाएगा । आयुर्वेद में कहा गया है कि अच्छे तरीके से भोजन करने से आपका शरीर चमकता है । भारतीय दर्शन , धर्म और परंपरा के अनुसार , यदि आप खाने के पारंपरिक तरीके का पालन करते हैं , तो आपको न केवल इससे लाभ होगा , बल्कि संबंधों में मिठास भी आएगी । आपको बैठकर खाना खाना चाहिए , हमारे परिवार के सभी सदस्यों के साथ बैठकर खाना खाना चाहिए , कम से कम परिवार के सभी सदस्यों के साथ मिलकर रात का खाना खाना चाहिए , इससे रिश्ता मधुर और मजबूत होता है । चौथा गुड़ वसाखे तेल जेट के पंथ और साडे बैल श्यामल साब भदोमाही ग्वार केला कार्तिक दही अगन जीरा है उस्के थाना मडल मिश्री फागू चना चैत्र मां में गुड़ खाने का जश्न मनाते हैं । यह वैशाख में नया तेल लगाने और बासी चीजें खाने के लिए मनाया जाता है , यह ज्येष्ठ के महीने में चलने के लिए मनाया जाता है , और वर्ष में पका हुआ भोजन खाने के लिए मना किया जाता है । तृतीया पर छोटा बैंगन और कटहल , परमाल चतुर्थी पर नुली पश्चिम , षष्ठी पर नीम की पति , बैल के निर्माण का दिन , हथेली से पहले और बाद में क्या खाना चाहिए , भोजन से पहले क्या खाना चाहिए , तीखा और मीठा । भोजन के बाद मिठाई खाने से एसिड की तीव्रता कम हो जाती है , जिससे पेट में जलन या एसिडिटी नहीं होती है । मिठाइयों में सफेद चीनी नहीं खानी चाहिए । इससे बनी चीजों को खाना भी हानिकारक है । यह मोटापे और अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं के जोखिम को भी बढ़ाता है ।

क्या आप दूसरों को माफ करना जानते हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी हर छोटी सी बात जानना चाहता हूं । मोदी की चर्चा न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी होती है । आइए जानते हैं नरेंद्र मोदी के बारे में दिलचस्प बात । नरेंद्र मोदी का जन्म 19 सितंबर , 1950 को वन नगर में दामोदर दास मूलचंद्र मोदी और हरिबेंका के घर हुआ था । नरेंद्र मोदी अपने भाई - बहनों में दूसरी संतान हैं । नरेंद्र मोदी को बचपन में नरिया काकर कहा जाता था । नरेंद्र मोदी के पिता की रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान थी । 1960 में भारत - पाक युद्ध के दौरान , उन्होंने स्टेशन से गुजरने वाले सैनिकों को चाय दी । नरेंद्र मोदी बचपन में आम बच्चों से बिल्कुल अलग थे । नारायणचारे ने स्कूल में पढ़ाई की , नरेंद्र मोदी स्कूल में एक औसत छात्र थे , उन्हें बचपन में अभिनय का शौक था , नरेंद्र मोदी बचपन में स्कूल में विवादास्पद नाटकों में भाग लेते थे और पुरस्कार जीतते थे । वह एन . सी . सी . में भी शामिल हुए । वह एक बार शर्मिंदा हुआ था । नरेंद्र मोदी ने तालाब छोड़ दिया जब उनकी माँ ने उन्हें तालाब से एक शिशु घरियाल लेने के लिए मना लिया । वे बचपन में ही संतों से प्रभावित थे । वे बचपन से ही संन्यासी बनना चाहते थे । मोदी ने संन्यासी बनने के लिए स्कूल छोड़ दिया । मोदी इस दौरान घर से भाग गए थे , मोदी पश्चिम बंगाल के रामकृष्ण आश्रम सहित कई जगहों पर घूम रहे हैं । मोदी बचपन से ही दस्ताने पहनने के शौकीन थे । उन्नीस सौ अड़ानबे में , दिवाली के दिन , गुजरात आर . एस . एस . के पहले प्रांत प्रचारक लक्ष्मण राव का जन्म हुआ था । वकील साहब ने नरेंद्र मोदी को बार स्वयंसेवक की शपथ दिलाई । वे बहुत मेहनती थे । उन्होंने बड़े आरएसएस शिविरों के आयोजन में प्रबंधन कौशल दिखाया । आर . एस . एस . नेताओं को ट्रेनों और बसों में आरक्षण दिया

उत्तरप्रदेश राज्य के आजमगढ़ जिले की एक श्रोता ने मोबाइल वाणी ने माध्यम से एक कविता सुनाई है