अशोकनगर पुलिस ने एक बार फिर से बड़ी संख्या में गुम हुए मोबाइल फोन निकाले हैं। वह फोन को लोगों को वापस कर दिए हैं। शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों ने 91 लोगों के मोबाइल फोन उनको लौटा दिए हैं। गुम हुए मोबाइल फोन मध्य प्रदेश के अलावा अन्य प्रदेशों में भी बरामद किए गए थे।
अशोकनगर के नेहरू महाविद्यालय में शुक्रवार को खाद्य पदार्थ में मिलावट के विरुद्ध चलाए जा रहा है अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान किए जाने के बारे में बताया गया, एवं उनसे होने वाले नुकसानों के बारे में बताया गया साथ ही हम इसे कैसे बचें यह भी तकनीक बताई गई।
हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए...
दैनिक जागरण बिहार की मई 2023 की रिपोर्ट के अनुसार नरपतगंज प्रखंड से सटे सुपौल जिला के छातापुर प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय ठूठी में सोमवार को एमडीएम परोसने के क्रम में बच्चों के भोजन में मरी हुई छिपकली मिली, जिसके बाद बच्चों व गांव वालों में हड़कंप मच गया। लेकिन क्या ये हड़कंप हमारा अपने जन प्रतिनिधियों के सामने झलकता है ? जिस पन्ना ज़िले के स्कुल में 40 बच्चे बीमार हो गए , क्या वोट देते समय हम ये बात सोचते है? नहीं .. बिलकुल भी नहीं सोचते। क्योंकि हम एक वोट देने की मशीन में ढल चुके है। कुछ लोग इसे मेरी ही मूर्खता करार देंगे कि मध्यान भोजन के लिए हम नेताओ को दोष क्यों दें ? लेकिन सच ये है कि जब तक कोई घटना हमारे या हमारे अपनों के साथ नहीं घटती , तब तक हम राजनितिक पार्टियों की चाटुकारिता में लगे रहते है। लोग आपको ही बार बार समझायेंगे कि हमें इन सभी पचड़ों में नहीं पड़ना चाहिए। दोस्तों, अपने देश, समाज और बच्चों के भविष्य को बदलने के लिए किसी न किसी को शुरुआत करनी पड़ेगी और वह शुरुआत स्वयं से ही होगी, इसके बाद अन्य समाज के लोगों का साथ मिलता चला जाएगा। तब तक आप हमें बताइए कि * ------ आपके गाँव या क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन की स्थिति क्या है ? *------- आपने क्षेत्र या गाँव के सरकारी स्कूलों में बच्चों को कैसा पौष्टिक खाना मिलता है क्या ? आपके अनुसार बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन का क्या मतलब है ? *------ साथ ही शिक्षा के मसले पर आपको किससे सवाल पूछने चाहिए ? और इसे कैसे बेहतर बनाया जा सकता है , ताकि हमारे देश का भविष्य आगे बढे।
दोस्तों, लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ सक्रियता के 16 दिन पूरे होने हो हैं... लेकिन हमारा अभियान बदलाव का आगाज जारी है... इस कार्य क्रम में हमने बीते कुछ दिनों में बहुत सी कहानियां सुनी...इन सभी ने हमें प्रेरित भी किया और सोचने पर मजबूर भी...! सोचना ये है कि आखिर कैसे लिंग और पहचान, ऊँच और नीच, अमीर और गरीब, रंग और भेद के नाम पर हिंसा के इस क्रम को रोका जा सकता है..? अगर आपके पास जवाब है तो जरुर रिकॉर्ड करें. साथ ही अपने आसपास से ऐसी और भी कहानियां लेकर हमारे पास आएं... अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए फोन में अभी दबाएं नम्बर 3.
पिछले कुछ सालों से देश में एक नया शिगूफा छिड़ा हुआ है, एक देश एक चुनाव का, गाहे-बगाहे इसको लेकर चर्चा उठती रहती है। बीते महीने संसद के विशेष सत्र में भी इसको लेकर चर्चा उठी थी। एक देश एक चुनाव के कराने के पीछे सरकार का तर्क है कि इससे देश के संसाधनों की बचत होगी।
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेडी की हत्या करने वाले आरोपियों को फांसी देने की मांग की है। बुधवार को करणी सैनिकों ने कलेक्टरेट में ज्ञापन दिया।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा अगर 7 दिनों में आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो हम बाजार बंद करेंगे और उग्र आंदोलन करेंगे।
सौर्य दिवस के अवसर पर बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मसाल जुलूस निकाला। मसाल जुलूस का शुभारंभ तार वाले बालाजी मंदिर से किया गया। फिर उसके दौरान राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भगवान श्री राम की जय काली लगाये ।बड़ी संख्या में राष्ट्रीय बजरंग दल के लोग हाथों में मसाल लिए हुए थे, शहर का हृदय स्थल गांधी पार्क इंदिरा पार्क तुलसी पार्क होते हुए मुख्य चौक चौराहों पर हाथों में मसाल लेकर चल रहे थे इसका समापन गांधी पार्क पर किया गया
अशोकनगर जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर थूबोन रोड पर सहोदरी गांव के पास एक स्लीपर कोच बस पलट गई। घटना बुधवार रात करीब 10:30 बजे की है। बस में लगभग 30 से 35 यात्री सवार थे स्थाई लोगों की मदद से सभी को बाहर निकाला और इलाज के लिए 108 की मदद से जिला अस्पताल में भेज दिया गया।
जेंडर हिंसा के खिलाफ 16 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम, 'बदलाव का आगाज़', में आज सुनिए लोक लाज के बंधन में बंधी यह महिला जो दहेज के लोभियों के हाथों घरेलू हिंसा की सज़ा झेल रही थी, और आखिर में इसके खिलाफ उठाया उन्होंने एक कदम।
