आमतौर पर टीएल बैठक का आयोजन जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट भवन में किया जाता है। लेकिन कल मंगलवार को यह बैठक उत्तर प्रदेश राजघाट के विआईपी रिसोर्ट में हुई। दरअसल विधानसभा चुनाव में दोनों सीट मुंगावली और चंदेरी और अशोकनगर के चुनाव संपन्न होने और मतगणना के बाद अधिकारियों की चुनाव के बाद पार्टी का आयोजन परंपरा अनुसार कहीं ना कहीं किया जाता है। तो ऐसे में कल का आयोजन राजघाट डैम के नजदीक बने वीआइपी रिसोर्ट में प्रशासन ने किया। इस अवसर बैठक भी हो गई हालांकि गौर करने वाली बात यह है कि प्रशासन बैठक के मुद्दों पर कितनी औपचारिकताएं बताएं हुई होगी यह आसानी से समझा जा सकता है। लेकिन जिस रेस्ट हाउस में यह बैठक संपन्न हुई यह यूपी में स्थित है। इस तरह ऐसे में पहली बार मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले की प्रत्येक सोमवार को होने वाली टीएल बैठक उत्तर प्रदेश प्रांत में हुई।

जेंडर हिंसा के खिलाफ चल रहे हमारे इस कार्यक्रम बदलाव का आगाज़ में आज सुनिए यशस्विनी जी को, जो जेंडर आधारित हिंसा पर कानूनी मामलों की जानकार हैं। यशस्विनी जी का कहना है कि अगर हिंसा है तो उसे करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का कड़ा प्रावधान भी है. बस जरूरत है तो... कदम बढ़ाने की!

“यह देश संविधान से चलता है’, यह एक लाइन जो हम हर दूसरे दिन किसी न किसी के मुंह से सुनते ही रहते हैं। सविंधान पर इतनी आस्था के बाद भी देश में संविधानिक मूल्यों की भावनाओं का अभाव है। संविधान के प्रति पैदा हुए इस "अभाव" के भाव के लिए वही लोग जिम्मेदार हैं, जो हर एक बात पर कहते हैं कि यह देश संविधान से चलता है।

हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए सुनिए हंसी-मज़ाक में डूबे हंसगुल्ले और रिकॉर्ड कीजिए अपने चुटकुले मोबाइल वाणी पर, फोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।

नई सराय थाना पुलिस ने कड़ेसरा गांव से लापता हुई एक 15 वर्षीय किशोरी को 30 घंटे के अंदर ही दस्तयाब कर लिया है। नाबालिक किशोरी को एक आरोपी अपहरण कर राजस्थान ले गया था। मौके से पुलिस ने आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। जिससे पूछताछ की जा रही है, बही किशोरी को बने स्टाफ सेंटर में भेज दिया गया है। अशोकनगर निवासी एक महिला ने दो दिन पहले ही थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, कि उसकी 15 वर्षीय किशोरी बहन के गांव गई थी वहीं से लापता हो गई।

भारतीय मानसिकता का अध्ययन बताता है कि ईश्वर व धर्म के प्रति हमारी श्रद्धा व आस्था की जडे़ काफी गहराई तक स्थापित हो चुकी है। शिक्षा के प्रसार व इस के बाद वैज्ञानिक दृष्टिकोण स्थापित करने के लिए विवेकवादी, तर्कशील, रेषनालिस्ट जैसे संगठनों द्वारा समाज में अंधविश्वास उन्मूलन के लिए किए जाने वाले जनजागरण अभियान के दौरान यह आरोप भी उठते है कि यह लोग हमारे इश्वर व धर्म का विरोध करते है। अंधविश्वास उन्मूलन यानी श्रद्धा व आस्था का विरोध माना जाता है। इश्वर व धर्म के प्रति यही श्रद्धा व आस्था अंधविश्वास उन्मूलन के अभियान को प्रभावित भी करने लगता है। समाज में अंधविश्वास उन्मूलन के साथ ईश्वर व धर्म की कथित रूप से गढ़ी गई परिभाषा से बहार निकलना कठीन हो जाता है। आज हम बात करेंगे क्या ईश्वर व धर्म अंधविश्वास का मूल कारण है?

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मेरा गांव मेरी पहचान कार्यक्रम के तहत आज हमसे खास बातचीत करने व अपनी राय देने के लिए जुड़े ग्राम खूटाम्बा के निवासी सौरभ यादव जी।

लड़कियों और महिलाओं के ख़िलाफ़ हो रही हिंसा रोकने के लिए शुरू हुए इस प्रोग्राम में आपका स्वागत है। किसी भी तरह की हिंसा रोकने के लिए समाज में रहने वालों के सोच-विचार बदलना बहुत ज़रूरी है।आज इस बारे में हम बात करेंगे पुरुषों के योगदान को लेकर और जानेंगे कि पुरुष किस तरह महिला कल्याण और सशक्तिकरण को बढ़ावा दे सकते है।पुरुषों की भागीदारी से जेंडर के नाम पर होने वाली हिंसा को कैसे ख़त्म किया जा सकता है। अपने विचार ज़रूर रिकॉर्ड करें, फोन में नंबर 3 दबाकर।

दोस्तों, अगर गौर किया जाए तो हमारे आसपास होने वाली छोटी—बड़ी लड़ाईयों, झगड़ों, बहस और नाखुशी के पीछे की वजह अधिकारों का हनन है। महिला है तो उससे आत्मनिर्भर बनने का अधिकार छीन लिया जाता है, बच्चा है तो पढने का, किसी से जाति के नाम पर तो किसी से गरीबी के नाम पर अधिकारों का हनन जारी है और यही है फसाद की वजह। आज जब हम 10 दिसंबर को मानव अधिकार दिवस मना रहे हैं तो फिर एक बार इस विषय पर बात करना जरूरी हो जाता है