बोर्ड पैटर्न पर पांचवी और आठवीं की परीक्षाओं की तैयारी शुरू हो गई हैं । इसके लिए जिला परीक्षा समिति के गठन के निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं । राज्य शिक्षा केंद्र मप्र के जारी निर्देशों के अनुसार समिति के अध्यक्ष कलेक्टर और सचिव जिला शिक्षा अधिकारी होंगे

सफलता हमेशा असफलता के स्तंभ पर खड़ी होती है। इसलिए किसी को भी असफलता से घबराना नहीं चाहिए। ये विचार थे महान नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी के। "तुम मुझे खून दो,मैं तुम्हे आजादी दूंगा" का नारा देने वाले,जोशीले भाषणों से लोगों में ऊर्जा भरने वाले, आजादी की जंग में प्रमुख भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और महान क्रांतिकारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी को मनाई जाती है।आज पूरा देश सुभाष चंद्र बोस की 127 वी जयंती मना रहा है जिसे पराक्रम दिवस के रूप में भी जाना जाता है। देश के महान सपूत और स्वतंत्रता सेनानी,सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन पर मोबाइल वाणी परिवार के तरफ से उनको सादर नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि !

हाल ही में एक रिपोर्ट के अनुसार बीस तीन सालों में दुनिया के पांच बड़े व्यापारियों की संपत्ति में दोगुने से ज्यादा का इजाफा हुआ है, जिस समय इन अमीरों की दौलत में इजाफा हो रहा था, ठीक उसी समय पांच मिलियन लोग गरीब से और ज्यादा गरीब हो रहे थे। इससे ज्यादा मजे की बात यह है कि हाल ही में दावोस में हुई वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम की बैठक में शीर्ष पांच उद्योगपतियों ने एक नई रणनीति पर चर्चा और गठबंधन किया।

हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए...

गणतंत्र दिवस की धूमधाम शुरू हो गई है । गणतंत्र दिवस पर स्कूली विद्यार्थियों को विशेष भोज उपलब्ध कराया जाएगा । इस विशेष भोज में अंत्योदय कार्ड धारी एवं क्षेत्र के बुजुर्गों को भी सहभागी होगें । विशेष भोज में सब्जी ,पूरी, खीर, हलवा, लड्डू का वितरण होगा

राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी को मनाया जाएगा । इसके लिए विभिन्न विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर समूचे जिले में धार्मिक वातावरण है । समूचे जिला राममय है । विभिन्न मंदिरों और सरकारी इमारतों में आकर्षक रोशनी भी भगवान राम की जयघोष कर रही है ।

हमारा जन्म मां के गर्भ में होता है, गर्भ में संपूर्ण शारीरिक विकास की प्रक्रियां में हम गर्भ की नाल से जुड़े होते है, यह हमें सुरक्षित रखता है। क्यों कि तब हम पूर्णतः स्वतंत्र होते है, किसी वस्तू की जिज्ञासा नहीं होती है, न भविष्य की कल्पना, न अतित की चिंता होती है। लेकिन जैसे ही मां की गर्भ से बहार आते तब हमारी नाल काटी जाती है तब हमारा संबंध में मा के गर्भ की बहार की दुनिया से जुड़ता है। जहा जिज्ञासा, भविष्य की कल्पना, अतित की चिंता से लेकर अस्तित्व का विषय जुड़ जाते है। गर्भ में हम सुरक्षित महसूस करते थे, लेकिन जैसी ही गर्भ के बहार नई दुनिया में प्रवेश करते तब स्वंय को असुरक्षित महसूस करते है। मां के गर्भ से निकला शिशु प्रारंभिक अवस्था में सामन्य आवाज में भी भयभीत होता है, आवाज की ध्वनी अधिक हो तो वह रोने लगता है। मां के गर्भ से बहार निकलने के बाद शिशु का ब्रेन सामन्यतः पूर्ण खाली होता है, असुरक्षा की भवाना उसके ब्रेन के अर्धचेतन अवस्था में रिकार्ड होने लगती है। इसी असुरक्षा की भावना से भय की शुरूआत यही से होती है।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा, मछली पालन कब और कैसे कर सकते है इस बारे में जानकारी दे रहे है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें...

हमारे देश में सभी को शिक्षा का अधिकार है लेकिन लड़कियों को इसके लिए कहीं अधिक संघर्ष करना पड़ता है। कई बार घर के काम के बोझ के साथ स्कूल के बस्ते का बोझ उठाना पड़ता है तो कभी लोगों की गंदी नज़रों से बच-बचा के स्कूल का सफर तय करना पड़ता है। जैसे-तैसे स्कूल पहुंचने के बाद भी यौन शोषण और भावनात्मक शोषण की अलग चुनौती है जो रोज़ाना उनके धैर्य और हिम्मत की परीक्षा लेती है। ऐसे में लड़कियों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन के साथ साथ समाज की भी है। तब तक आप हमें बताइए कि * -----लड़कियों के स्कुल छोड़ने के या पढ़ाई पूरी ना कर पाने के आपको और क्या कारण नज़र आते है ? * -----आपके हिसाब से हमें सामाजिक रूप से क्या क्या बदलाव करने की ज़रूरत है , जिससे लड़कियों की शिक्षा अधूरी न रह पाए।