तीन अक्तूबर, 2021 को तिकुनिया में हुए खूनी संघर्ष में चार किसानों समेत आठ लोग मारे गए थे। मामले में एडीजे प्रथम की अदालत में सुनवाई चल रही है। एडीजे सुनील वर्मा के तबादले के बाद अब एडीजे रामेंद्र कुमार मामले की सुनवाई कर रहे हैं, लेकिन इस केस की सुनवाई के दौरान अहम मोड़ आ गया है।
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में बेहतर इलाज के भले ही जिला अस्पताल प्रशासन दावे कर रहा हो लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। बुधवार की दोपहर एक ऐसा ही वाकया प्रकाश में आया। मां का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे एक युवक को स्ट्रेचर नहीं मिला तो वह मां को गोद में ही उठाकर फिजिशियन कक्ष तक पहुंच गया।
अव्यवस्थआ देखकर बीएसए ने अध्यापकों को लगाई फटकर ,दो शिक्षकों को नीलाम्बित करने , वा 7 शिक्षकों का वेतन रोकने के दिए आदेश|
आरोपी ने खुद को पुलिसकर्मी बता कर प्रधान थाने से उदयपुर में रहने वाले राजू पाल से 1.81 लाख वाला बैग और बाइक ले ली|
क्रॉसिंग बंद होने से सबसे अधिक परेशान बाइक चालक दिखे। दूरी और चक्कर से बचने के लिए खुद को खतरे में डालकर रेलवे लाइन पार करते नजर आए। क्रॉसिंग के पास सूखे तालाब से गुजरकर दूसरी सड़क पर पहुंचे। साइकिल और पैदल राहगीराें को भी परेशान होना पड़ा। मुख्य सड़क के मोड़ पर तैनात पुलिसकर्मी मालवाहक और भारी वाहनों को रोकता नजर आया। बाइक चालकों से रोकटोक नहीं की। क्रॉसिंग के पास पहुंचे बाइक चालक इधर से उधर रास्ता तलाशते दिखे।
लखीमपुर खीरी। चीनी मिल चलने के साथ ही जिले में गन्ना भरे ओवरलोड वाहनों से हर रोज हादसे हो रहे हैं, दो से तीन लोग असमय काल के गाल में समा रहे हैं, लेकिन जिले में परिवहन विभाग इन पर कोई लगाम नहीं लगा सका है। हालात यह हैं कि आंकड़ों में ही 600 से ज्यादा अनफिट ट्रक सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं।
लखीमपुर खीरी। आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर फरधान थाने के उदयपुर में रहने वाले राजू पाल से 1.81 लाख रुपयों वाला बैग और उनकी बाइक ले ली। रुपये रख लिए और देर शाम बाइक वापस भेज दी। पीड़ित ने नीमगांव के बढ़रिया निवासी पति-पत्नी और दो अज्ञात आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
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प्याज के दाम उतारने के बाद टमाटर के भाव में तेजी आनी शुरू हो गई|
लखीमपुर खीरी। 10 नवंबर से सही समय पर उपस्थिति के अलावा परिषदीय विद्यालयों में प्रयोग होने वाले 12 रजिस्टरों का डिजिटलीकरण होना था, लेकिन अभी तक कई अध्यापकों ने टैबलेट ही इंस्टॉल नहीं कराए हैं। वह रियल टाइम अटेंडेंस का विरोध पहले से ही कर रहे हैं। ऐसे में विभाग में डिजिटलीकरण अभियान को ही पलीता लगाया जा रहा है।
