ललितपुर। जिला अस्पताल भले ही मरीजों को उपचार दे रहा हो, लेकिन खुद का इलाज नहीं कर पा रहा है। यहां पर कचड़े के साथ ही खुले में मेडिकल कचड़ा भी पड़ा रहता है, जिसको छुट्टा घूम रहीं गायें खाती हैं और बीमार हो रहीं हैं। साथ ही मरीजों को भी संक्रामक बीमारियां होने का भय बना रहता है।

नियमित सफाई नहीं होने से अस्पताल में जगह-जगह कूड़े-कचरे का अंबार लगा हुआ है। इस कारण मरीज व उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में नालों पर ब्लिचिंग पाउडर का नियमित छिड़काव जरूरी है।

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लखीमपुर खीरी। मंडी परिषद की सड़कों का हाल इस कदर बदहाल है कि कुल 250 सड़कों में आधी से ज्यादा सड़कों का नाम-ओ-निशां तक मिट गया है। स्थिति यह है कि सड़क दिखती भी नहीं है। ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर ग्रामीण अंचल के लोग आवागमन को मजबूर हैं। हादसे भी होते रहते हैं। मंडी परिषद जहां नई सड़क बना नहीं पा रहा है, वहीं पुरानी सड़कों की मरम्मत में स्टाफ, बजट व संसाधन की कमी आड़े आ रही है।

राज नैतिक अंधविश्वास